अध्याय 5 ओवरशैडोव्ड

जूडिथ के सामने आते ही एला की सारी सावधानी से की हुई तैयारी व्यर्थ लगने लगी।

जूडिथ ने हल्का बैंगनी रंग का बेहद शाही, एलिगेंट मरमेड गाउन पहन रखा था; उसकी कसकर बँधी कमर उसकी पतली काया को उभार रही थी और उस पर जड़े सीक्विन झूमर की रोशनी में मछली की पपड़ी-से चमक रहे थे—जैसे पूरी शाम की नज़रें उसी पर टिक जाना तय हो।

मेहमानों की भीड़ के समुद्र में वह किसी एकदम खास कलाकृति जैसी लग रही थी।

बॉलरूम की हर नज़र जूडिथ पर ही थी।

या शायद इसलिए कि ऑस्टिन उसके पास खड़ा था।

सब उनके रिश्ते पर कयास लगा रहे थे।

एला को इससे खास चोट नहीं लगी। उसके पतले होंठों पर एक ठंडी-सी मुस्कान आ गई।

क्या ऑस्टिन उसे इस गाला में सिर्फ इसलिए लाया था कि वह जूडिथ के साथ उसका यह स्नेह-प्रदर्शन देखे?

तभी तो वह अचानक उसके लिए फिक्रमंद बनने लगा था।

एला ने भीतर ही भीतर तिरस्कार से हँसते हुए कदम रोक दिए और बिना किसी की नज़र में आए लौट जाने की तैयारी करने लगी।

“ये दोनों कितने परफेक्ट लगते हैं। क्या मिस्टर रेमंड और मिस ब्रूक्स हाल ही में किसी ट्रेंडिंग टॉपिक में साथ नहीं आए थे? लगता है चुपके से डेट कर रहे होंगे,” पास ही एक औरत ने फुसफुसाकर कहा।

“कितना रोमांटिक! मैंने सुना है, मिस्टर रेमंड के कार एक्सीडेंट के बाद वो लकवाग्रस्त हो गए थे, तब मिस ब्रूक्स विदेश चली गई थीं, और वो इतने सालों तक उनका इंतज़ार करते रहे। अब आखिरकार सब रुकावटें पार करके साथ हो गए।”

“सच में उनकी लव स्टोरी इतनी उलझी हुई है?”

“हाँ, ऑनलाइन लोग कह रहे हैं कि उनकी कहानी तो बिल्कुल उपन्यास जैसी है।”

“काश ये कोई किस्तों में आने वाला उपन्यास होता, तो हर अपडेट पढ़ पाती!”

“मिस ब्रूक्स कितनी किस्मतवाली है। मिस्टर रेमंड जैसा आदमी बहुत कम मिलता है।”

“वैसे मिस ब्रूक्स इंडस्ट्री की टॉप डिज़ाइनर हैं। कुछ लोगों को समझना चाहिए, वो तो उनके बाल की एक लट के बराबर भी नहीं पहुँचते।”

एला वह गॉसिप सुनती रही—हर शब्द उसके संयम में लहरें-सी पैदा करता जा रहा था।

ऑस्टिन और जूडिथ की मीठी-सी मोहब्बत की चर्चा सबको थी, मगर किसी को नहीं पता था कि एला ने तीन साल तक ऑस्टिन की देखभाल की थी, उसे फिर से खड़ा होने में मदद की थी।

आखिर में वह ऑस्टिन और जूडिथ की प्रेम-कहानी की बस एक सहायक किरदार बनकर रह गई थी।

यह विडंबना चुभती थी।

एला ने नज़रें फेर लीं और बाहर की ओर बढ़ी ही थी कि पीछे से एक मुलायम, सुरिली आवाज़ सुनाई दी—

“एला, यहाँ तुम्हें देखकर कितनी अजीब-सी संयोग की बात है!”

एला कदमों के बीच ही ठिठक गई, उसकी रीढ़ तन गई।

गले में उबकाई-सी चढ़ आई।

वो बुलबुल-सी मीठी, नाज़ुक आवाज़ हमेशा लोगों को मोहित करना जानती थी।

मगर एला को वह आवाज़ जरूरत से ज़्यादा मीठे केक जैसी लगती—पहला निवाला भला लगे, दूसरा ही घिनौना-सा मीठा हो जाए।

एला ने पलटकर देखा, जबरन मुस्कान ओढ़ी और शालीनता से सिर हिला दिया।

“ऑस्टिन अभी वॉशरूम गए हैं। तुम्हें यक़ीन नहीं होगा, कितने लोगों ने मुझे मिसेज़ रेमंड समझ लिया और हमारी शादी पर बधाइयाँ देने लगे!” जूडिथ हल्की हँसी के साथ बोली।

एला का दिल एक पल को डगमगा गया।

कभी उसे इस बात का मलाल था कि ऑस्टिन से शादी पर किसी ने उसे बधाई नहीं दी थी।

और अब, तलाक़ होने से पहले ही जूडिथ को वही बधाइयाँ मिल रही थीं।

प्यार किए जाने और न किए जाने का फर्क कितनी साफ़ लकीर की तरह सामने था।

एला के गले में कड़वी हँसी-सी अटक गई।

“एला, मुझे सच में अफ़सोस है! मुझे अंदाज़ा नहीं था लोग ऐसा मुँह चलाएँगे। अगर तुम्हें बुरा लगा हो, तो मैं उन्हें समझा दूँगी,” जूडिथ ने कहा और धीरे-धीरे पास आकर एला का हाथ थामने लगी।

एला ने तुरंत हाथ खींच लिया और एक कदम पीछे हट गई। “मुझे नहीं लगता हम इतने परिचित हैं कि आप इस तरह हाथ पकड़ें।”

एला की सतर्क प्रतिक्रिया देखकर जूडिथ की आँखों में अकड़-सी झलक आई, पलकें ऊपर को मुड़ गईं। “मिसेज़ रेमंड का खिताब इतने समय तक अपने पास रखकर तुम सच में यह मान बैठी हो कि तुम ऑस्टिन की वैध पत्नी हो?”

“हम दोनों जानते हैं, ऑस्टिन के पास रहने के लिए तुमने कौन-कौन से हथकंडे अपनाए। अगर अपनी बेइज़्ज़ती नहीं कराना चाहती, तो चुपचाप रहो और उससे चिपके रहना बंद कर दो।”

जूडिथ ने आसपास के मेहमानों पर एक नज़र डाली और जानबूझकर एला के कान के पास अपनी आवाज़ और धीमी कर दी।

एला ने नज़रें झुका लीं, मन में सोचते हुए—‘विदेश तो जूडिथ गई थी… फिर दोष मुझ पर क्यों?’

उस मासूम-से चेहरे के पीछे इतनी दोहरी चालें छिपी थीं।

एक पल दोस्त बनकर चिंता दिखाना, और जैसे ही वह तरीका न चले, अगले ही पल चोट करने की कोशिश।

एला को इतनी ओछी बातों पर बहस करने का कोई शौक नहीं था।

वैसे भी, उनका तलाक़ जल्द ही होने वाला था।

बिना कोई और बात किए, वह जूडिथ को पार करके ऑस्टिन को ढूँढ़ने निकल पड़ी।

शुरू में, एला नहीं चाहती थी कि वह इस बात पर ऑस्टिन से भिड़े।

लेकिन जूडिथ का रवैया उसे गुस्सा दिला गया था।

वॉशरूम की तरफ जाते हुए, एला ने ऑस्टिन को एक सुनसान गलियारे में अकेले खड़े देखा—वह सिगरेट पी रहा था।

खाली गलियारे में खिड़की के पास खड़ा उसका अकेलापन और भी उभर रहा था।

बाहर रात के आसमान के नीचे ऊँची इमारतें नीयॉन लाइटों से चमक रही थीं, और नीचे रोशन सड़कों पर गाड़ियों की धार बह रही थी।

वह मानो इन सब से कट गया था।

उसकी लंबी उँगलियाँ सिगरेट को नफ़ासत से थामे थीं, और उसकी उभरी हुई नाक के पास से धुआँ लहराता हुआ ऊपर उठ रहा था।

इस पल में उसके ठंडे नैन-नक्श में एक अजीब-सी कशिश आ गई थी—हाथ में सिगरेट का छोटा-सा अंगारा टिमटिमा रहा था।

यह पहली बार था जब एला ने ऑस्टिन को सिगरेट पीते देखा था।

इससे यादें लौट आईं।

पच्चीस की उम्र में, व्हीलचेयर तक सीमित होने के बाद ऑस्टिन उदास और चुप्पा हो गया था।

जब भी एला उसके करीब जाने की कोशिश करती, वह कड़वे शब्दों से उसे दूर धकेल देता।

पर एला ने उसे अपने ऊपर नहीं लिया था। वह चाहती थी कि ऑस्टिन को वक्त मिले, ताकि वह अपने अँधेरे से बाहर आ सके।

एक दिन, उनके झगड़े के बाद, एला ने उसके सूट से सिगरेट की गंध महसूस की थी।

उसने मान लिया था कि किसी बिज़नेस डिनर से आई होगी और उसने सवाल नहीं किया।

बाद में उसे पता चला कि एक बिज़नेस पार्टनर ने पैसे रोक लिए थे और मीटिंग में ऑस्टिन पर शब्दों से हमला किया था—उसे अपाहिज कहकर, यह भी कहकर कि वह खड़ा भी नहीं हो सकता।

वे गालियाँ बेहद जहरीली थीं।

गुस्से में, एला उस आदमी के ऑफिस बिल्डिंग तक जा पहुँची थी, उससे हाथापाई हो गई थी, और बात थाने तक पहुँच गई थी।

तब वह उससे कितना प्यार करती थी। अब यह सब कितना बेतुका लगता था।

एला की खुद पर हँसी की एक हल्की-सी आवाज़ ऑस्टिन तक पहुँची।

उसकी आँखों में पल भर को हैरानी उतरी, फिर उसने इत्मीनान से सिगरेट बुझाई और उसे देखा। “तुम आ गईं।”

“जूडिथ यहाँ क्यों है?” एला ने सीधे पूछा।

ऑस्टिन का चेहरा वैसा ही निर्विकार रहा, जैसे मौसम की बात कर रहा हो। “वह साथ चिपक आई। बताना भूल गया।”

उसके ढंग से लग रहा था कि उसे अपने किए में कुछ गलत नहीं दिखता—न सफाई की जरूरत, न जवाबदेही।

जो बात एक वाक्य में मना की जा सकती थी, वह उससे जैसे हो ही नहीं पाती।

वह उसके पीछे-पीछे आई, और उसने बस होने दिया।

और एला का क्या?

क्या वह इतनी दूर सिर्फ इसलिए आई थी कि जूडिथ से अपमानित हो?

एला को लगा वह कोई ऐसी मूर्ख है जिसे बुलाओ तो दौड़ी चली आए और जब मन करे तो बाहर निकाल दो।

आँखों में आँसू उमड़ आए, और सीने में कड़वी निराशा भर गई।

एला का मोह पूरी तरह टूट चुका था।

जिस साल उसने ऑस्टिन के लिए खड़े होकर, उसकी इज़्ज़त के लिए लड़ाई लड़ी थी—उसका कोई मतलब ही नहीं था।

वह शुरू से खुद को धोखा दे रही थी।

बिना एक शब्द बोले, एला मुड़ी और जाने लगी।

वह मुख्य बॉलरूम में लौट आई, जाने के इरादे से।

उसके पीछे, ऑस्टिन गलियारे से निकल आया और बड़े-बड़े कदमों से उसे पकड़ने लगा।

उसी बीच, लाल वाइन का गिलास थामे जूडिथ ने उन्हें देख लिया।

उसकी आँखों में द्वेष चमका; उसने गिलास पर पकड़ और कस ली और उनकी तरफ बढ़ी।

“फिर से बेवजह का तमाशा कर रही हो?” ऑस्टिन की ठंडी निगाह उस पर गड़ गई, उसने उसका हाथ पकड़ लिया।

एला ने झटके से अपना हाथ छुड़ा लिया, भावनाओं को जैसे-तैसे काबू में रखते हुए। “जब तुम्हारे पास पहले से डेट है, तो मैं यहाँ क्यों हूँ?”

“एला, बेवजह की बात मत बनाओ!”

उसे जूडिथ के लिए जगह छोड़कर निकल जाना चाहिए—क्या यही काफी नहीं?

उसे और क्या चाहिए?

एला का दिल सुन्न पड़ गया था।

उसने और कुछ समझाने की कोशिश नहीं की और मुड़ गई—तभी जूडिथ से टकरा गई, जो पीछे से आ चुकी थी।

लाल वाइन उसकी ड्रेस पर छलक गई।

एला ने भौंहें चढ़ाईं, तभी जूडिथ ने बनावटी हैरानी से हाँफकर कहा, “एला, मेरा इरादा नहीं था!”

लेकिन एला ने साफ देखा था—जूडिथ ने कई कदम दूर रहते हुए ही जानबूझकर गिलास झुका दिया था।

यह जान-बूझकर किया गया था।

“म-मैं… माफ़ करना,” जूडिथ हकलाती हुई बोली, और डर का नकली रंग चेहरे पर ओढ़े पीछे हट गई।

एला उस पल को नहीं भूली थी जब उसने जूडिथ के चेहरे पर जीत की झलक देखी थी—उसे पता था, यह मासूमियत सिर्फ दिखावा है।

चारों तरफ से जिज्ञासु निगाहें उनकी ओर मुड़ गईं।

भीड़ में फुसफुसाहट फैल गई।

“वो औरत कौन है?”

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